मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 में MP में रजिस्टर्ड और DPIIT मान्यता वाले स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेटर के ज़रिए ₹30 लाख तक सीड फंड, निवेश या लोन पर 15% (महिला, SC, ST, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर को 18%) मदद, बैंक लोन पर 5% ब्याज छूट, और पेटेंट, किराया, विज्ञापन व इवेंट खर्च की वापसी मिलती है। पहला कदम DPIIT मान्यता है।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति एवं क्रियान्वयन योजना 2025 नए बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की सबसे बड़ी योजना है। इसमें पैसों की मदद (ग्रांट, सब्सिडी) भी है और रोज़ के खर्चों (किराया, पेटेंट, विज्ञापन) की वापसी भी। यहाँ हर फायदा आसान भाषा में समझाया गया है।
कौन आवेदन कर सकता है?
- Pvt Ltd कंपनी, LLP या रजिस्टर्ड पार्टनरशिप फर्म — प्रोप्राइटरशिप पात्र नहीं है।
- DPIIT (Startup India) मान्यता — लगभग हर फायदे के लिए ज़रूरी।
- ऑफिस या यूनिट मध्यप्रदेश में हो और MP का GST हो।
- कंपनी 10 साल से कम पुरानी हो और किसी भी साल टर्नओवर ₹100 करोड़ से कम हो।
पैसों की मदद
- सीड फंड: इन्क्यूबेटर के ज़रिए ₹30 लाख तक।
- निवेश/लोन पर मदद: मिली राशि का 15% (हर बार ₹15 लाख तक, 4 बार = ₹60 लाख)। महिला, SC, ST, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर संस्थापकों को 18% (कुल ₹72 लाख तक)।
- बैंक लोन: मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 5% ब्याज छूट और 5 साल तक गारंटी फीस सरकार भरती है।
खर्च वापसी
- प्रोडक्ट/प्रोटोटाइप: ₹15 लाख तक पूरा खर्च।
- पेटेंट: भारत में ₹5 लाख, विदेश में ₹20 लाख तक।
- ऑफिस किराया: आधा किराया, ₹10,000 महीना तक, 3 साल।
- ऑनलाइन विज्ञापन: ₹3 लाख तक (2 साल से नए स्टार्टअप, एक बार)।
- स्टाइपेंड: ₹10,000 महीना, 12 महीने तक।
- इवेंट: 75% खर्च, देश में ₹50,000 और विदेश में ₹1.5 लाख तक।
फैक्ट्री/मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप्स के लिए
- हर कर्मचारी पर ₹5,000 महीना, 3 साल, 25 कर्मचारियों तक — कुल ₹45 लाख तक।
- ट्रेनिंग पर ₹13,000 प्रति कर्मचारी प्रति साल।
- 3 साल बिजली शुल्क माफ़ और ₹2 प्रति यूनिट बिजली बिल में छूट।
आवेदन कैसे करें
- MP में Pvt Ltd कंपनी या LLP रजिस्टर करें।
- Startup India पोर्टल पर DPIIT मान्यता लें।
- MP स्टार्टअप पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
- हर योजना के लिए अलग आवेदन करें और विभाग के सवालों का समय पर जवाब दें।
फाउंडर सलाहकार कैसे मदद करता है
फाउंडर सलाहकार (Founder Salahkar), भोपाल की रजिस्टर्ड कंपनी Salahakar Group India Private Limited का ब्रांड है। हम पात्रता जांच, DPIIT मान्यता, डॉक्यूमेंट, फाइलिंग और फैसला आने तक फॉलो-अप करते हैं। फ्री पात्रता जांच करें या हमारा MP Startup Benefit Assistance पेज देखें।
राशियाँ नीति की ज़्यादा से ज़्यादा सीमा हैं। हम प्राइवेट कंसल्टेंसी हैं, सरकारी विभाग नहीं; मंज़ूरी सरकार, इन्क्यूबेटर या बैंक देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एमपी स्टार्टअप नीति 2025 में कितना पैसा मिलता है?
इन्क्यूबेटर के ज़रिए ₹30 लाख तक सीड फंड, निवेश या लोन पर 15–18% मदद (कुल ₹60–72 लाख तक), बैंक लोन पर 5% ब्याज छूट और पेटेंट, किराया, विज्ञापन जैसे खर्चों की वापसी। ये ज़्यादा से ज़्यादा सीमाएं हैं।
एमपी स्टार्टअप नीति के लिए क्या DPIIT ज़रूरी है?
हाँ, लगभग हर फायदे के लिए DPIIT (Startup India) मान्यता ज़रूरी है।
भोपाल में एमपी स्टार्टअप नीति का आवेदन कौन करवाता है?
फाउंडर सलाहकार (Founder Salahkar), B-65, चेतक ब्रिज, DPI के पास, भोपाल — पात्रता जांच से लेकर आवेदन और फॉलो-अप तक मदद करता है।
